Categories: Aayurvedic Nuskhe

Benefits Of Tulsi In Hindi -तुलसी के फायदे तथा उपयोग

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी Benefits Of Tulsi In Hindi -तुलसी के फायदे तथा उपयोग आइये जानते है।

यह भी पढ़े – Zandu Tulsi Drops फायदे तथा उपयोग Zandu Tulsi Drops in Hindi

तुलसी का पौधा नाम तो आप सबने सुना ही होगा और 99 % यह पौधा हर घर मे पाया जाता है तथा इसके औशधीय गुण भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए एक आदर्श है क्योकि तुलसी के पौधे को आयुर्वेदिक औषधि का खजाना माना जाता है और इसका उपयोग कई समस्याओ की बीमारियों के इलाज मे सहायता प्रदान करता है। तुलसी का चिकित्स्कीय उपयोग आज से नहीं बल्कि प्राचीतम समय से उपयोग हो रहा है और इसे बहुत सी दवाओं के रूप मे काम मे लिया जाता है। हेलो फ्रैंड्स कैसे है आप सभी उम्मीद करती हूँ की अच्छे ही होंगे तो आज के इस पोस्ट के अंतर्गत हम बात करेंगे की Benefits Of Tulsi In Hindi -तुलसी के फायदे तथा उपयोग की तुलसी हमारे स्वस्थ शरीर के लिए कैसे और कितना अधिक लाभदायी और फायदेमन्द है तथा इसे किस -किस प्रकार से उपयोग मे लिया जा सकता है।

यह भी पढ़े – Dabur Tulsi Drops फायदे तथा उपयोग – Dabur Tulsi Drops in Hindi

तुलसी से जुडी कुछ जानकारी –

  • तुलसी -श्याम तुलसी,राम तुलसी,श्वेत/विष्णु तुलसी, वन तुलसी,नींबू तुलसी
  • कुल: -लैमिएशी
  • वंश:-ओसिमम
  • जाति -टेनुफ्लॉरूम
  • तुलसी – (ऑसीमम सैक्टम) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है। यह झाड़ी के रूप में उगता है और 1 से 3 फुट ऊँचा होता है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ 1 से 2 इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं। तुलसी के पुष्प मंजरी अति कोमल एवं 8 इंच लम्बी और बहुरंगी छटाओं वाली होती है, जिस पर बैंगनी और गुलाबी रंग वाले बहुत छोटे हृदयाकार पुष्प चक्रों में लगते हैं। बीज चपटे पीतवर्ण के छोटे काले चिह्नों से युक्त अंडाकार होते हैं। तुलसी का नया पौधा मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में उगते है और शीतकाल में फूलते हैं। पौधा सामान्य रूप से दो-तीन वर्षों तक हरा बना रहता है। इसके बाद इसकी वृद्धावस्था आ जाती है। पत्ते कम और छोटे हो जाते हैं और शाखाएँ सूखी होने लगती हैं।

यह भी पढ़े – Patanjali Tulsi Ghan Vati Benefts And Review in Hindi – पतंजलि तुलसी घन वटी के क्या फायदे है

तुलसी की सामान्यतः निम्न प्रजातियाँ पाई जाती हैं –

1 ) ऑसीमम अमेरिकन (काली तुलसी) गम्भीरा या मामरी।
2 )- ऑसीमम वेसिलिकम (मरुआ तुलसी) मुन्जरिकी या मुरसा।
3)- ऑसीमम वेसिलिकम मिनिमम।
4 )- आसीमम ग्रेटिसिकम (राम तुलसी / वन तुलसी / अरण्यतुलसी)।
5 )- ऑसीमम किलिमण्डचेरिकम (कर्पूर तुलसी)।
6 )- ऑसीमम सैक्टम
7 )- ऑसीमम विरिडी।

  • ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना जाता है इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग जैसी होती हैं। गुण, धर्म की दृष्टि से काली तुलसी को ही श्रेष्ठ माना गया है, परन्तु अधिकांश विद्वानों का मत है कि दोनों ही गुणों में समान हैं।
  • तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और लोग इसे अपने घर के आँगन या दरवाजे पर या बाग में लगाते हैं। भारतीय संस्कृति के चिर पुरातन ग्रंथ वेदों में भी तथा प्राचीनतम ऋषि -मुनियो द्वारा भी तुलसी के गुणों एवं उसकी उपयोगिता का वर्णन मिलता है।
  • सिर्फ इतना ही नहीं इसके अतिरिक्त तुलसी को ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है।

यह भी पढ़े – नीम जूस के फायदे तथा उपयोग – Benefits Of Neem Juice

तुलसी क्या है -What Is Tulsi

भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है, धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है। तुलसी, जिसे भारतीय तुलसी या पवित्र तुलसी के रूप में भी जाना जाता है, अक्सर भारत में जड़ी बूटी की रानी के रूप में तुलसी को जाना जाता है। तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। तुलसी को एक एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर को एक पोसिटिव ऊर्जा प्रदान करती है। तुलसी का उपयोग आमतौर पर चिंता, तनाव और थकान को दूर करने के लिए किया जाता है, और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सर्दी और फ्लू के इलाज में मदद करने के लिए हर्बल योगों में तुलसी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

तुलसी के पत्तियों के औषधीय गुण

जैसा की मैंने आपको बताया की तुलसी केवल पौधा मात्र ही नहीं बल्कि इसकी पत्तियाँ,अर्क और इसकी मंजरी सभी गुणों से भरपूर है तो आइये जानते है इसमें क्या -क्या गुण पाए जाते है –

Related Post
  • तुलसी की पत्तियाँ –तुलसी की पत्तियाँ एक प्राकृतिक प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में कार्य करता है और किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाये रखने मे सहायक है। इसमें अपार एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो हमें कई तरह के संक्रमणों से बचाते हैं। तुलसी के पत्तों का अर्क कोशिकाओं तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत और स्वस्थ बनाये रखने मे सहायक है।
  • तुलसी की जड़ को पीसकर, सोंठ मिलाकर जल के साथ रोज़ सुबह-सुबह पीने से कुष्ठ रोग में लाभ मिलता है।
  • तुलसी मंजरी -तुलसी मंजरी को 2 ग्राम लें और काले नमक के साथ इसका पेस्ट बनाएं और इसे दिन में तीन से चार बार रोगी को पिलाएं और यह अपच के लिए बहुत उपयोगी है तथा हड्डियों से जुडी समस्या को दूर करने मे सहायक है।

तुलसी के फायदे – Benefits Of Tulsi

तुलसी की हरी पत्तियों का सेवन करने से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी कई बीमारियों के इलाज मे इसका उपयोग किया जाता है तथा इसके आलावा भी तुलसी के विभिन्न फायदे है तो आइये जानते है –

1 ) प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने मे सहायक –तुलसी विटामिन सी और जस्ता से समृद्ध होती है। यह इस प्रकार एक प्राकृतिक प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में कार्य करता है और शरीर को बहुत से संक्रमण से बचाये रखने मे सहायक है। तुलसी के पत्तो और उसके अर्क मे एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो हमें कई तरह के संक्रमणों से बचाते हैं।

2 ) मुँह को स्वस्थ रखने मे सहायक है -तुलसी मे पाए जाने वाले गुण मुंह को साफ रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। तुलसी अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण मुंह से आने वाली बदबू, पायरिया और मसूड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियों को ठीक करने में मदद कर सकती है तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण भी होते हैं तथा यह गुण मुंह को बैक्टीरियल संक्रमण से बचाए रखने में मददगार हो सकता है तथा सबसे मुख्य बात की यह प्राकृतिक तुलसी एक माउथ फ्रेशनर के रूप मे काम करती है तो इस प्रकार मुंह के स्वास्थ्य के लिए तुलसी के रस के फायदे देखे जा सकते हैं।

3 ) सर्दी, खांसी और अन्य श्वसन विकार को दूर करने मे सहायक -तुलसी एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा है जिसे सर्दी, खांसी और अन्य श्वसन विकार को दूर करने मे उपयोग किया जाता है और जिसे की आज से नहीं बल्कि प्राचीनतम समय से इसका उपयोग इन सभी समस्याओ को दूर करने मे किया जाता रहा है क्योकि पुराने समय मे दवाई हर जगह नहीं मिलती थी और मिलती भी थी तो खरीदना सबके बस का नहीं होता था ,इसलिए प्राचीनतम समय मे अधिकतर लोग इस तरह की बीमारियों से निजात पाने के लिए तुलसी ,तुलसी का अर्क ,रस का उपयोग किया करते थे क्योकि तुलसी में मौजूद कैफीन, सिनेोल और यूजेनॉल छाती में ठंड और जमाव को कम करने में मदद करते हैं। तुलसी के पत्तों के रस को शहद और अदरक के साथ मिलाकर पीने से ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, इन्फ्लूएंजा, खांसी, और जुकाम ठीक होता है।

4 ) तनाव और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने मे सहयक –तुलसी में अनेक जैव सक्रिय रसायन तथा तुलसी में यौगिक होते हैं – Ocimumosides A और B. ये यौगिक तनाव को कम करते हैं और मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन और डोपामाइन को संतुलित करते हैं। तुलसी के गुण सूजन और ब्लड प्रेशर को कम करते हैं और इस प्रकार से तुलसी शारीरिक तनाव और ब्लड प्रेशर नियंत्रण मे रखने मे सहायक है।

5 ) गुर्दे की पथरी और गठिया इलाज में उपयोगी -Useful in Kidney stones & Gouty Arthritis – तुलसी शरीर को डिटॉक्स करता है और इसमें मूत्रवर्धक गुण होते हैं। यह शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करता है, जो कि गुर्दे की पथरी बनने का मुख्य कारण है। यूरिक एसिड के स्तर में कमी से गठिया से परेशान रोगियों की राहत मिलती है।

मैंने आपको तुलसी के फायदे और उपयोग तो बता दिए है किंतु हर चीज़ के अपने कुछ फायदे होते है तो उसके साथ उसके कुछ नुकसान भी होते है तो दोस्तों आप सभी तुलसी का अवश्य उपयोग करे किन्तु तुलसी मे पाए जाने वाले गुण चिकत्स्कीय इलाज को घर पर नहीं कर सकते इसलिए मैं आप सभी से कहना चाहूंगी की अगर आप किसी गंभीर शारीरिक परेशानी से जूझ रहे है तो डॉक्टर को अवश्य दिखाए तथा मेडिकल ट्रीटमेंट ले।

विशेष नोट -जैसा की आप सभी जानते है की कोरोना का कहर बहुत ही तेज़ी से बढ़ रहा है और ऐसे मे सतर्क और सावधान रहने की बहुत अधिक आवश्यकता है और अगर आप कुछ घरेलु नुस्खों का सेवन करते रहे तो आपको आपकी बॉडी मे बहुत हद तक आराम मिल सकता है और आप इससे बचे रह सकते है ,जैसा की मैंने आपको इस पोस्ट की शुरुआत मे बताया की तुलसी के पांच प्रकार होते है और इन तुलसी के पांचों प्रकारों को मिलाकर इनका अर्क निकाला जाए, तो यह पूरे विश्व की सबसे प्रभावकारी और बेहतरीन दवा बन सकती है। यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ्लू, एंटी-बायोटिक, एंटी-इफ्लेमेन्ट्री व एंटी डिजीज की तरह कार्य करने लगती है तो तुलसी का आयुर्वेद मे अपने आप की एक बहुत बड़ी महत्वता है।

आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया हैऔर तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है, तो दोस्तों आज के इस पोस्ट के अंतर्गत मैंने आपको बताया की Benefits Of Tulsi In Hindi -तुलसी के फायदे तथा उपयोग तथा इससे सम्बंधित पूर्णरूप से जानकारी दी है किन्तु फिर भी अगर आपको इसमें कुछ नहीं समझ आता है या इससे रिलेटेड कुछ और डिटेल्स जानना चाहते है तो आप मुझे comment बॉक्स मे जरूर से कमेंट करिये मैं आपके सवालो के जवाब दूंगी और मेरे साथ जुड़े रहने के लिए मेरे , आज के इस पोस्ट को अपनी family और friends के साथ जरूर शेयर कीजिये, और उम्मीद करुँगी की आप मेरा पोस्ट जरूर पढ़ेंगे ।

admin

Recent Posts

हिमालया यष्टिमधु टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Yashtimadhu Tablet Benefits And Uses In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया यष्टिमधु टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya…

6 days ago

हिमालया स्ट्रेस रिलीफ आयल के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Stress Relief Massage Oil Benefits And Uses In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया स्ट्रेस रिलीफ आयल के फायदे तथा उपयोग…

1 week ago

हिमालया हिमकोलिन जेल के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Herbals Himcolin Gel Benefits And Uses In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया हिमकोलिन जेल के फायदे तथा उपयोग -Himalaya…

1 week ago

हिमालया तुलसी शोप के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Tulsi Soap Benefits And Uses In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया तुलसी शोप के फायदे तथा उपयोग -Himalaya…

2 weeks ago

हिमालया अश्वगंधा टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Ashwagandha Tablets Benefits In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया अश्वगंधा टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya…

2 weeks ago

हिमालया हर्बोलेक्स टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya Herbolax Tablets Benefits In Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी हिमालया हर्बोलेक्स टैबलेट के फायदे तथा उपयोग -Himalaya…

3 weeks ago

This website uses cookies.