प्रेग्नेंनसी मे खुजली होने के कारण और उपाय – Pregnancy Itching Treatment in Hindi

नमस्कार दोस्तों, Hindiinfo.in के इस के पोस्ट में आज मैं आपको बताऊगी प्रेग्नेंनसी मे खुजली होने के कारण और उपाय – Pregnancy Itching Treatment in Hindi, आइये जानते है।

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गर्भावस्था ( Pregnancy )में Itching Treatment ( खुजली )

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प्रेग्‍नेंसी में कई ऐसी चीजें होती हैं जो गर्भवती महिलाओं को परेशान कर देती हैं। प्रेग्नेंनसी मे और बहुत सी अलग -अलग परेशानियाँ होती है जैसे की ब्रेस्ट मे दर्द ,वोमेटिंग ,जी मिचलाना ,बुखार तो इन सब समस्याओ के साथ एक समस्या और है और वह है इचिंग यानि की खुजली की समस्या प्रेग्‍नेंसी में खुजली की समस्‍या लगभग सभी महिलाओं को हो जाती है तो इससे बहुत अधिक परेशान होने की जरुरत नहीं है। गर्भावस्‍था के समय होने वाली खुजली की समस्‍या आम है। गर्भावस्‍था में शरीर में बदलाव आने और साइज बढ़ने पर स्किन में खिंचाव आने लगता है, इससे पूरे शरीर में टाइटनेस महसूस होती है। प्रेग्‍नेंसी में हार्मोंस में बदलाव आते हैं जिस पर बॉडी के रियेक्ट करने से पूरी स्किन पर खुजली होने लगती है और इस कारण बहुत सी महिलाये बहुत अधिक परेशान होती है और इसलिए आज हम इसी के बारे मे डिटेल मे बात करने वाले है। प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। और हां इसके बारे मे पूर्णरूप से जानकारी देने से पहले इसी टॉपिक से सम्बंधित कुछ बाते बताना चाहूंगी जैसे की –

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  • गर्भ में पल रहे भ्रूण के बढ़ने से पेट की त्वचा पर खुजली होती (Itching in pregnancy) है।
  • पेट की त्वचा में खिंचाव होने से त्वचा रूखी हो जाती है। कई बार रक्त संचार के बढ़ने से भी यह समस्या हो सकती है।
  • यह लिवर की एंजाइम में गड़बड़ी होने के कारण होता है। इसमें पेट के साथ-साथ हाथों एवं पैरों में तेज खुजली होने लगती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा हो तो अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श करे।
  • तो ये कुछ मुख्य पॉइंट थे जिनके बारे मे मैंने आपको बताया ,और अब इस टॉपिक से रिलेटेड डिटेल मे बात करेंगे।
  • यह सामान्य है, यानी चिंता का विषय नहीं है तो आइये अब जानते है इस विषय से सम्बंधित डिटेल मे जानकारी।

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प्रेग्नेंसी का एहसास हर महिला के लिए सबसे अहम पल माना जाता है। यदि आप एक महिला हैं तो आपको पता ही होगा की प्रेगनेंसी आपके जीवन में कितनी महत्वपूर्ण होती है, यही नहीं किसी पुरुष के लिए भी पिता बनना बहुत ही उत्साहपूर्ण होता है। एक औरत के लिए माँ बनना बहुत ही सौभाग्य की बात होती है,। हेलो फ्रेंड्स कैसे है आप सभी उम्मीद करती हूँ की अच्छे ही होंगे जैसा की आप सभी जानते ही है की मे अपने पोस्ट के अंतर्गत आपको आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स से सम्बंधित जानकारी देती हूँ उसी प्रकार से आज का मेरा टॉपिक थोड़ा डिफरेंट होगा किन्तु अच्छा होगा लेकिन उसके लिए आप सभी लोग जो मेरा पोस्ट पढ़ते है उन्हें मेरा यह पोस्ट पूरा पढ़ना होगा ,इससे आपको बहुत ही अच्छी और बहुत सारी जानकारी प्राप्त हो सकती है तो आइये जानते है प्रेग्नेंनसी मे खुजली होने के कारण और उपाय – Pregnancy Itching Treatment in Hindi की तो आज मे आपको प्रेग्नेंनसी मे खुजली -इचिंग ( Itching ) क्यों होती है ? इस से जुड़ी सभी जानकारी देने वाली हूँ तो आइये जानते है।

गर्भावस्था ( Pregnancy ) के दौरान त्वचा में इतनी खुजलाहट क्यों होती है ?

  • गर्भवती होने पर त्वचा में खुजलाहट महसूस होना सामान्य बात है। यह काफी आम भी है,इसके लिए कुछ हद तक त्वचा में खिंचाव या हॉर्मोनों में बदलाव को दोष दिया जा सकता है।
  • खाज (स्केबीज़) जो कि छोटे-छोटे घुन (माइट) के काटने से त्वचा में होने वाली असहजता है। इसमें बहुत ज्यादा खुजली होती है।
  • कवक (फंगल) संक्रमण थ्रश के होने पर भी योनि और इसके आसपास के क्षेत्र में खुजलाहट हो सकती है।

प्रेग्नेंनसी ( गर्भावस्था ) मे खुजली होने के कारण -Causes of Itching During Pregnancy in Hindi

  • एग्जिमा के दौरान त्वचा की सिलवटों में खुजली होती है, जैसे कि घुटनों या कोहनी में अंदर की तरफ।
  • गर्भ में बढ़ते शिशु को जगह देने के लिए गर्भाशय खिंच जाता है जिसकी वजह से पेट पर खुजली हो सकती है।
  • स्किन के खिंचने से नमी कम होने लगती है और स्किन रूखी पड़ने लगती है जिससे खुजली होती है। ड्राइनेस का इलाज करने से खुजली कम हो सकती है।
  • इन्फेस्टेशन (त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया या सूक्ष्ण किटाणुओं का प्रभाव)।
  • लिवर या किडनी से संबंधित परेशानी।
  • गर्भावस्था के दौरान होने वाली विशेष स्किन मे चेंज होने की वजह की यह समस्या हो सकती है।
  • रक्त संचार बढ़ने से भी यह परेशानी होने लगती है।
  • हार्मोनल बदलाव खासतौर पर एस्‍ट्रोजन का स्‍तर बढ़ने पर भी पेट पर खुजली हो सकती है।
  • प्रूरिटिक अर्टिकैरियल पैप्यूल्स (Pruritic urticarial papules) होने पर भी खुजली की समस्या नुकसानदायक हो सकती है।
  • प्रूरिटिक अर्टिकैरियल पैप्यूल्स होने पर खुजली बांह से लेकर पैर तक तो फैल जाती है।
  • इन सभी निम्न कारणों की वजह से स्किन पर अधिक खुजली ( इचिंग ) होती है यदि इससे अधिक परेशानी हो रही हो तो अपने डॉक्टर को अवश्य दिखाए।

प्रेग्नेंनसी ( गर्भावस्था ) मे खुजली होने के लक्षण –

जैसा की मैंने आपको खुजली के कारणों के बारे मे बताया है से तो खुजली कुछ अपने आप में एक लक्षण है लेकिन कुछ विशेष परिस्तिथियों मे यह समस्या कुछ महिलाओ मे अलग रूप से होती है तो आइये जानते है खुजली के वे लक्षण कौनसे होते है –

प्रेग्नेंनसी मे खुजली
  • कोलेस्टेसिस ऑफ प्रेग्नेंसी यह एक लीवर से संबंधित समस्या है,यह लीवर की एंजाइम में गड़बड़ी होने के कारण होता है। इसमें पेट के साथ-साथ हाथों एवं पैरों में तेज खुजली होने लगती है।
  • स्तनों का आकर बढ़ने के कारण खुजली का एहसास हो सकता है।
  • पेट पर चकत्ते और खुजली।
  • जांघो पर चकत्तों के साथ खुजली।
  • ये कुछ निम्न लक्षण है जो सभी महिलाओ मे नहीं दिखाए देते अगर इस तरह की परेशानी आपको हो रही हो तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करे।

प्रेग्नेंनसी ( गर्भावस्था ) मे खुजली से राहत पाने के उपाय –

हर महिला को प्रेग्‍नेंसी के किसी न किसी स्‍टेज पर खुजली की शिकायत होती ही है। हालांकि, आपको इसे लेकर ज्‍यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से प्रेग्नेंसी में होने वाली खुजली को दूर किया जा सकता है तो आइये जानते है –

1 ) ओटमील बाथ – अगर आप पेट पर खुजली होने से परेशान हैं तो इसका इलाज ओटमील बाथ से कर सकती हैं। इसके लिए गुनगुने पानी में एक कप ओट्स मिलाएं और नहा लें। माना जाता है कि ओट्स मिला पानी स्किन को आराम देता है और खुजली कम करता है।

2 ) ठंडी सिकाई – ठंडी सिकाई हमेशा काम करती है। एक कपड़ा लें और उसमें बर्फ के कुछ टुकड़े डाल दें। इसे अधिक खुजली वाले स्थान पर रखे। इस नुस्‍खे से आपको खुजली से तुरंत आराम मिलेगा और सूजन भी कम होगी। प्रेग्‍नेंसी में होने वाली खुजली को दूर करने का यह सबसे आसान तरीका है।

3 ) नारियल तेल – नारियल तेल स्किन पर होने वाली इचिंग को दूर करती है, क्योंकि इसमें फैटी एसिड होता है। दिन में दो से तीन बार खुजली वाली जगहों पर नारियल तेल लगाएं। नहाने के बाद भी इस तेल को जरूर लगाएं। नारियल तेल में स्किन के अंदर की कोशिकाओं तक पहुंचने की क्षमता होती है। ये खुजली और जलन को कम करने में मददगार होता हैं। इस तेल के एंटीमाइक्रोबियल गुण खुजली और जलन पैदा करने वाले स्किन इंफेक्‍शन से बचाने का काम करते हैं।

4 ) एलोवेरा जेल – प्रेग्नेंसी में होने वाली खुजली से आराम पाने के लिए एलोवेरा जेल भी एक नेचुरल इलाज है। स्किन से जुड़ी सभी प्रॉब्‍लम्‍स का इलाज एलोवेरा जेल से किया जा सकता है। इसका जेल त्वचा को ठंढक प्रदान करता है। एलोवेरा जेल में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं और ये स्किन को नमी भी देकर उसे नरम और मुलायम बनाते हैं। इस तरह स्किन से खुजली खत्‍म होती है। इसे अप्लाई करने से आप स्ट्रेच मार्क से भी बची रहेंगी। जिस जगह पर भी इचिंग हो रही है, वहां जेल लगाएं और एक घंटे तक छोड़ दें। आप इसे रात में भी लगाकर सो सकती हैं और सुबह में नहा लें। पेट को खुजलाने पर स्किन को होने वाले नुकसान से भी एलोवेरा जेल बचाता है।

5 ) बेकिंग सोडा बाथ – गुनगुने पानी में आधा कप बेकिंग सोडा डालें और उससे नहाएं। आप बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर इसके पेस्‍ट को भी पेट पर लगा सकती हैं। इससे भी खुजली से आराम मिलता है।

6 ) ​नींबू का रस – नींबू के रस में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो प्रेग्‍नेंसी में खुजली पैदा करने वाले माइक्रोब्‍स को हटाने में मदद करते हैं। थोड़ से पानी में नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें और उसे खुजली वाले स्थान पर लगाए।

7 ) टाइट कपड़े ना पहनें – प्रेग्नेंसी के दिनों में अधिक टाइट कपड़े ना पहनें खासकर गर्मी के मौसम में। इससे पसानी होता है। कपड़े गीले रहते हैं और बैक्टीरिया को जन्म देते हैं। इससे स्किन पर खुजली, रैशेज या दाने भी हो सकते हैं।बेहतर होगा कि आप कॉटन के ढीले कपड़े पहनें। इससे खुजली की समस्या से आप बची रहेंगी और आराम भी महसूस होगा।

8 ) अन्य मुख्य पॉइंट –

  • गर्म पानी से नहाने से बचें क्‍योंकि इससे खुजली शुरू हो सकती है। इसकी जगह गुनगुने पानी से नहाना शुरू करें।
  • तेज खुशबू वाले साबुन और जेल न लगाएं क्‍योंकि ये स्किन को ड्राई कर देते हैं। ऐसे जेल और साबुन का इस्‍तेमाल करें जिसमें केमिकल्‍स कम हों।
  • गर्म मौसम और धूप में न रहें क्‍योंकि इससे स्किन ड्राई हो सकती है और फिर खुजली शुरू हो सकती है। सूर्य की यूवी किरणों से भी ड्राई स्किन पर रैशेज बढ़ सकते हैं।
  • ज्‍यादा लंबे समय तक एसी में रहने से बचें क्‍योंकि इससे स्किन ड्राई भी हो सकती है और फिर खुजली और जलन शुरू हो सकती है।
  • सूती कॉटन वस्त्रो ही पहने और ढीले कपडे ही पहने।

9 ) कैलामाइन लोशन – कैलामाइन लोशन की कुछ बूंदे हाथों में लेकर प्रभावित स्थान पर लगाएं और ऐसे ही छोड़ दें। कैलामाइन लोशन के इस्तेमाल से भी काफी हद तक खुजली के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। खुजली कम करने में कैलामाइन लोशन काफी उपयोगी है। इसलिए यह माना जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली खुजली की समस्या में भी यह उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अच्छे रिजल्ट देखने के लिए इस लोशन को दिन में करीब दो बार तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

10 ) जुनिपर बेरी लोशन – गर्भावस्था में होने वाली खुजली की समस्या से राहत पाने के लिए घरेलू तौर पर जुनिपर बेरी लोशन को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। जुनिपर बेरी लोशन की दो से चार बूंद लेकर प्रभावित स्थान पर लगाएं और ऐसे ही छोड़ दें। इसके अच्छे रिजल्ट देखने के लिए इस लोशन को दिन में करीब दो बार तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

प्रेग्नेंनसी मे खुजली होने के कारण और उपाय के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न -Frequently asked Questions about Pregnancy Itching Treatment in Hindi

1 ) क्या प्रेगनेंसी में प्राइवेट पार्ट में खुजली होती है?

गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोनल बदलावों की वजह से योनि में पीएच बैलेंस खराब होने लगता है जिससे इंफेक्‍शन हो सकता है। योनि में यीस्‍ट बढ़ने पर तेज खुजली और जैली जैसा डिस्‍चार्ज होता है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान वेजाइनल डिस्‍चार्ज और सर्विकल म्‍यूकस की वजह से भी खुजली हो सकती है।

2 ) Pregnancy में ज्यादा खुजली क्यों होती है?

गर्भ में बढ़ते शिशु को जगह देने के लिए गर्भाशय खिंच जाता है जिसकी वजह से पेट पर खुजली हो सकती है। स्किन के खिंचने से नमी कम होने लगती है और स्किन रूखी पड़ने लगती है जिससे खुजली होती है। ड्राइनेस का इलाज करने से खुजली कम हो सकती है। हार्मोनल बदलाव खासतौर पर एस्‍ट्रोजन का स्‍तर बढ़ने पर भी पेट पर खुजली हो सकती है।

3 ) गर्भावस्था के दौरान मेरे निपल्स में खुजली क्यों होती है?

स्तनपान के लिए गर्भावस्था में स्तनों की ग्रंथियां विकसित होती हैं। इस वजह से स्तनों का आकार बढ़ने लगता है । ऐसे में त्वचा में खिंचाव होने के कारण स्तनों के साथ-साथ निपल में भी खुजली हो सकती है। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए संबंधित डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

4 ) गर्भावस्था में खुजली से राहत पाने के लिए सबसे अच्छी क्रीम कौन सी है?

गर्भावस्था में चकत्तों और उनके कारण होने वाली खुजली से राहत पाने के लिए कोर्टिकोस्टेरॉयड (सूजन कम करने के लिए) क्रीम को सबसे अच्छा माना जाता है । फिर भी त्वचा पर किसी भी क्रीम को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

5 ) क्या खुजली गर्भावस्था का संकेत है?

नहीं, खुजली गर्भावस्था का संकेत नहीं है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान खुजली हो सकती है।

6 ) गर्भावस्था के दौरान मेरी त्वचा इतनी ड्राई क्यों हो जाती है?

हेपैटिक बाइल फ्लो (यकृत पित्त प्रवाह) एक सामान्य कारण है, जो गर्भावस्था में खुजली और स्किन के ड्राई होने का कारण माना जाता है।

विशेष नोट – गर्भावस्था के दौरान खुजली ( इचिंग ) की समस्या नार्मल है , जिससे हर गर्भवती को गुजरना पड़ता है किन्तु इससे राहत पाने के लिए इस पोस्ट मे मैंने आपको कुछ उपाय भी बताये है आशा करती हूँ की आपको इन उपाय के माध्यम से थोड़ा आराम मिल सके ,तो आप उन्हें अपनाये जिससे आपको थोड़ा रिलैक्स फील होगा कित्नु प्रेग्‍नेंसी में किसी भी नुस्‍खे का इस्‍तेमाल करने से पहले गायनेकोलॉजिस्‍ट से सलाह जरूर लें। अगर घरेलू उपायों से भी आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्‍टर से कोई दवा या क्रीम ले सकती हैं। आप किसी भी चीज़ को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श करे ,तथा इस वेबसाइट पर बताये गए किसी भी प्रोडक्ट्स का इस्तमाल अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही करे।

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट के अंतर्गत मैंने आपको बताया की प्रेग्नेंनसी मे खुजली होने के कारण और उपाय – Pregnancy Itching Treatment in Hindi तथा इससे सम्बंधित पूर्णरूप से जानकारी दी है किन्तु फिर भी अगर आपको इसमें कुछ नहीं समझ आता है या इससे रिलेटेड कुछ और डिटेल्स जानना चाहते है तो आप मुझे comment बॉक्स मे जरूर से कमेंट करिये मैं आपके सवालो के जवाब दूंगी और मेरे साथ जुड़े रहने के लिए मेरे , आज के इस पोस्ट को अपनी family और friends के साथ जरूर शेयर कीजिये, और उम्मीद करुँगी की आप मेरा पोस्ट जरूर पढ़ेंगे।

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